Aur Tumhara Sapna

250.00

By: Manghi Lal Yadav

ISBN: 9789371556026

Language: Hindi

Pages: 135

Category: POETRY / General

Delivery Time: 7-9 Days

प्रिय को हर रंग में पहचान लेने की छटपटाहट का काव्य संसार कवि मांघी लाल यादव का पहला कविता-संग्रह है, जिसमें प्रेम, संवेदना और मानवीय संबंधों की गहरी अनुभूति झलकती है। इन कविताओं में न तो बनावट है, न ही कृत्रिमता — बल्कि सादगी, सहजता और भावनाओं की सच्ची आंच है। कवि जीवन के छोटे-छोटे प्रसंगों में प्रेम की पवित्रता और मनुष्य की आत्मीयता को खोजता है। इन कविताओं में प्रेम किसी रोमांटिक प्रदर्शन नहीं, बल्कि जीवन का सार है — एक ऐसी शक्ति जो मनुष्य को संवेदनशील और जीवंत बनाए रखती है। कवि की भाषा सरल होते हुए भी गहन है, जो सीधे दिल में उतर जाती है। हर कविता मानो हमारे भीतर छिपे उस कोमल हिस्से को छू जाती है जो अक्सर शब्दहीन रह जाता है। मांघी लाल यादव की यह काव्य-यात्रा हमें बताती है कि प्रेम केवल देह का उत्सव नहीं, बल्कि आत्मा की संवाद है। यह संग्रह उन सभी के लिए है जो प्रेम, सादगी और मानवीय रिश्तों की सच्ची ऊष्मा को महसूस करना चाहते हैं। यह पुस्तक एक भावनात्मक दस्तावेज़ है — उस प्रेम की, जो हर मनुष्य के भीतर अपनी तरह से जन्म लेता है और जीवन को अर्थ देता है।

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “Aur Tumhara Sapna”

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shopping Basket
  • Your basket is empty.

Register to Get the Best

Discount Offer!