‘मुट्ठी भर अनाज’ वरिष्ठ कवि सुरेश कंठ का संवेदनशील काव्य-संग्रह है, जिसमें जीवन, समाज, मानवीय भावनाओं और समकालीन परिस्थितियों से जुड़े विविध विषयों को कविताओं के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। संग्रह की कविताओं में किसान और श्रमजीवी जीवन, सामाजिक सरोकार, इंसानियत, देशभक्ति, प्रकृति, रिश्ते और जीवन के संघर्ष जैसे विषयों की झलक मिलती है। ‘बगीचा का संघर्ष’, ‘कर्म कभी छूटे नहीं’, ‘नारी का सम्मान’, ‘माटी और अनाज’, ‘हर घर तिरंगा’, ‘भारत योग का “छ” बनेगा’ और ‘मन संतुलित रखें’ जैसी रचनाएँ पाठकों को सामाजिक चेतना, सकारात्मक सोच और मानवीय मूल्यों पर विचार करने के लिए प्रेरित करती हैं। ‘मुट्ठी भर अनाज’ कविता प्रेमियों के लिए भावनाओं, अनुभवों और सामाजिक संवेदनाओं से जुड़ा एक विचारपूर्ण काव्य-संग्रह है।
POETRY / General
Mutthi Bhar Anaj
₹299.00
By: Suresh Kanth
ISBN: 9789371550178
Language: Hindi
Format: Paperback
Pages: 188
Category: POETRY / General
Delivery Time: 7-9 Days







Reviews
There are no reviews yet.