Ki Yah Sambhav Hai

250.00

By: Manghi Lal Yadav

ISBN: 9789371557962

Language: Hindi

Pages: 137

Category: POETRY / General

Delivery Time: 7-9 Days

यह कविता संग्रह मानव भावनाओं, प्रेम, विरह, समय और जीवन के नाजुक अनुभवों का संकलन है। हर कविता पाठक को उनके अपने अनुभवों और यादों से जोड़ती है, और जीवन की उस सुंदरता और संवेदनशीलता को उजागर करती है जिसे हम अक्सर अनदेखा कर देते हैं। यह किताब प्रेम की गहराई, अकेलेपन की तीव्रता, समय की अमूल्यता और जीवन की सरल खुशियों को शब्दों में पिरोती है। सरल, सजीव और भावपूर्ण कविताओं के माध्यम से यह संग्रह पाठक के हृदय को छूने का प्रयास करता है और उन्हें अपने अंदर झाँकने, महसूस करने और जीने के लिए प्रेरित करता है। हर पृष्ठ पर लेखक की संवेदनशील दृष्टि और जीवन के प्रति उनकी गहरी समझ झलकती है, जिससे यह संग्रह उन सभी के लिए है जो प्रेम, संवेदना और आत्म-खोज की यात्रा में रुचि रखते हैं।

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