Kuch Deewaren Hoti Hain Striyan

250.00

By: Manghi Lal Yadav

ISBN: 9789371554015

Language: Hindi

Pages: 150

Category: POETRY / General

Delivery Time: 7-9 Days

Category:

कुछ दीवारें होती हैं स्त्रियां” एक गहन संवेदनशील काव्य-संग्रह है, जिसमें स्त्री, प्रेम, प्रकृति और जीवन की जटिलताओं को कवि ने अपने अनुभवों और भावनाओं के साथ बुना है। इन कविताओं में कहीं प्रेम की पवित्रता है, कहीं समाज के कठोर यथार्थ की झलक; कहीं बेटी की कोमलता है, तो कहीं जीवन की चुनौतियों से जूझने की जिजीविषा। कवि मांघी लाल यादव ने प्रकृतिजंगल, नदी, आकाश, गोधूलि, बारिश और खेतों की खुशबूको प्रतीकों के रूप में प्रस्तुत कर भावनाओं की गहराई को छुआ है। शीर्षक कविता के माध्यम से स्त्री के अस्तित्व, संघर्ष और आत्मीयता को केंद्र में रखकर उसकी जीवन यात्रा को सजीव किया गया है। इस संग्रह में प्रेम केवल एक भावनात्मक अनुभूति नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और जीवनदायी अनुभव के रूप में सामने आता है। कविताएं पाठक को ठहरकर सोचने पर मजबूर करती हैं कि जीवन, प्रेम और संबंधों का वास्तविक अर्थ क्या है। यह काव्य-संग्रह साहित्य प्रेमियों के लिए केवल पढ़ने का अनुभव नहीं, बल्कि आत्मा को छू लेने वाली एक यात्रा है, जो लंबे समय तक स्मरण में बनी रहती है।

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